हरियाणा की बेटियों ने एक बार फि‍र की प्रोग्रामिंग, तैयार हो रहीं भविष्‍य की कल्‍पना चावला, ISRO लॉन्‍च करेगा मिनी सैटेलाइट, पढि़ए पूरी कहानी

स्‍पेस किड्स इंडिया Space Kids India का आजादी सैट 2.0 मिशन, हरियाणा में पानीपत इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्‍नॉलोजी PIET को ट्रेनिंग के लिए चुना

खेल हो या शिक्षा। या फि‍र अंतरिक्ष विज्ञान। हरियाणा के बिना सभी क्षेत्र अधूरे हैं। हरियाणा की बेटियों ने मिनी सैटेलाइट के लिए प्रोग्रामिंग की है। यही सैटेलाइट अब इसरो लॉन्‍च करेगा। स्‍पेस किड्स इंडिया का आजादी सैट 2.0 मिशन शुरू हो चुका है। पिछले वर्ष पहला मिनी सैटेलाइट लॉन्‍च किया गया था। तब भी हरियाणा की बेटियों ने प्रोग्रामिंग की थी। हरियाणा में बेटियों को ट्रेनिंग देने के लिए नोडल सेंटर बनाया गया पानीपत में। पानीपत इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्‍नॉलोजी में हरियाणा के 12 स्‍कूलों की छात्राओं को इसरो ने ऑनलाइन ट्रेनिंग दी। यहां सुबह से दोपहर तक बेटियों ने एक चिप में सॉफ्टवेयर डाउनलोड किया। आपको इन बेटियों से भी मिलवाते हैं। या यूं कि भविष्‍य की कल्‍पना चावला बेटियों से। 

आपको याद होगा मिशन मंगल। मूवी देखी होगी शायद। मिशन मंगल में पर्दे के पीछे की महत्‍वपूर्ण भूमिका बेटियों ने ही निभाई थी। डिजाइनिंग से लेकर कैमरा सेटिंग तक बेटियों ने की। छात्राओं को स्‍कूल समय से ही अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति प्रेरित और जागरूक करने के उद्देश्य से ही स्‍पेस किड्स इंडिया ने सकारात्‍मक पहल की है। बेटियों के हाथों से प्रोग्रामिंग कराते हैं, उन्‍हें अंतरिक्ष विज्ञान के बारे में बताते हैं। इतना ही नहीं, पिछले वर्ष तो सैटेलाइट लॉन्‍च करने के समय बेटियों को श्रीहरिकोटा भी आमंत्रित किया गया था। तब बेटियों के उत्‍साह को देखते हुए इस मिशन को आगे बढ़ाने का फैसला किया गया। उसी का नतीजा है कि आजादी सैट 2.0 शुरू हो चुका है। 


यह एक अद़भुत एक्‍सपीरियंस था। हमने प्रोग्रामिंग की। अब उसी की मदद से मिनी सैटेलाइट लॉन्‍च होगा। यह एक सपने के साकार होने जैसा है। ऐसा लगता है कि हम साइंटिस्‍ट बन गए हैं। 

आकांक्षा, छात्रा, अंबाला। 


मुझे उड़ते हुए विमान बहुत अच्‍छे लगते हैं। मैंने मिशन मंगल मूवी देखी है। तब सोचती थी कि साइंटिस्‍ट कैसे बन सकते हैं। अब मुझे लगता है कि मैं भी साइंटिस्‍ट बन सकती हूं। स्‍पेस रिसर्च में जाना चाहूंगी। 

रूचि, छात्रा पानीपत। 




बेटियों ने काफी उत्‍साह दिखाया। आजादी सैट 2.0 को लेकर हम सभी उत्‍साहित हैं। पिछले वर्ष  भी मुझे हरियाणा की नोडल इंचार्ज बनाया गया था। लड़कियों को स्‍पेस साइंस के प्रति प्रेरित किया जा रहा है। बहुत सारी बेटियों ने तो ठान भी लिया है कि वें स्‍पेस साइंटिस्‍ट बनेंगी। इससे अच्‍छा और क्‍या हो सकता है। निश्चित रूप से इन्‍हीं में से बहुत सी बेटियां कल्‍पना चावला बनेंगी। 

डॉ.शक्ति अरोड़ा, हरियाणा नोडल इंचार्ज, स्‍पेस किडस इंडिया




कल्‍पना चावला की तरह सभी बेटियां अंतरिक्ष की उड़ान भरना चाहती हैं। उनका सपना अवश्‍य साकार होगा। हम सभी को आजादी सैट 2.0 का इंतजार है। 

डॉ.बीबी शर्मा, डीन, स्‍टूडेंटस वेलफेयर, पाइट।  




पाइट को लगातार दूसरे वर्ष नोडल सेंटर बनाया गया। यहां हरियाणा के 12 स्‍कूलों की बेटियों को प्रशिक्षित किया गया। इस ट्रेनिंग से ही कई बेटियों ने भविष्‍य की राह तय कर ली है। मिनी सैटेलाइट लॉन्‍च किया जाएगा। पिछले वर्ष स्‍वतंत्रता दिवस पर पाइट एनएफएल की छात्राओं को सीएम ने सम्‍मानित  किया था। आजादी सैट 2.0  के लिए बहुत सारी शुभकामनाएं। 

राकेश तायल, वाइस चेयरमैन, पाइट। 




बच्‍चे कच्‍ची मिटटी की तरह होते हैं। इन्‍हें जैसा रूप दिया जाएगा, वैसा ही बनेंगे। इनकी सोच को अगर सही  प्रशिक्षण मिल जाए तो सफलता का आसमां नाप सकते हैं। स्‍पेस किडस इंडिया के माध्‍यम से स्‍पेस साइंस के प्रति आकर्षण बढ़ेगा। जो बच्‍चे स्‍पेस साइंटिस्‍ट बनना चाहते हैं, उनका सपना साकार होगा। पाइट इसके लिए महत्‍वपूर्ण माध्‍यम बन रहा है। 

सुरेश तायल, सचिव, पाइट।








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